ଅର୍ନ୍ତଜାତୀୟ

इज़राइली बंधक खुद की कब्र खोदने पर मजबूर

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घटना की शुरुआत – नोवा म्यूजिक फेस्टिवल हमला (2023):
7 अक्टूबर 2023 को, जब इज़राइल में नोवा म्यूजिक फेस्टिवल चल रहा था — जो एक शांतिपूर्ण युवा उत्सव था — तभी अचानक हमास (Hamas) के आतंकवादियों ने इस आयोजन पर अचानक हमला कर दिया। यह हमला बेहद हिंसक और सुनियोजित था। इसमें सैकड़ों लोगों की हत्या हुई और कई अन्य को बंधक बना लिया गया। उन्हीं बंधकों में से एक थे एव्यातर डेविड (Evyatar David) — एक युवा इज़राइली नागरिक, जो इस संगीत महोत्सव में शामिल होने आए थे।

बंधक बना कर ग़ज़ा ले जाया गया:
हमास के लड़ाके एव्यातर डेविड को पकड़ कर ग़ज़ा स्ट्रिप (Gaza Strip) में ले गए, जहाँ उन्हें एक अज्ञात स्थान पर बंदी बना लिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, डेविड को ज़मीन के नीचे स्थित संकीर्ण सुरंगों में रखा गया, जो हमास की रणनीतिक और गुप्त सुरंग प्रणाली का हिस्सा हैं। इज़राइली सुरक्षा बलों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों को तब से अब तक उनकी सही स्थिति की जानकारी नहीं थी।

666 दिन की कैद:
1 अगस्त 2025 को, हमास ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें एव्यातर डेविड को पहली बार खुलकर दिखाया गया। इस वीडियो में वे बेहद कमज़ोर, थके हुए और कुपोषण से पीड़ित दिखाई दिए। उन्हें एक ग़ज़ा सुरंग के भीतर एक कब्र खोदते हुए दिखाया गया, जो प्रतीकात्मक रूप से मानसिक दबाव और शारीरिक यातना का दृश्य प्रस्तुत करता है। वीडियो में यह भी बताया गया कि वह 666 दिनों से कैद में हैं।

पश्चिम बीमार हो चुका है

यह वीडियो हमास द्वारा जारी की गई डेविड की दूसरी वीडियो है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि वह अब भी जीवित हैं, लेकिन गम्भीर संकट में हैं। पहली वीडियो में संभवतः केवल सबूत के तौर पर उनका अस्तित्व दिखाया गया था, लेकिन यह दूसरी वीडियो और अधिक गंभीर और भावनात्मक रूप से झकझोर देने वाली है।

हमास का उद्देश्य:
ऐसे वीडियो आमतौर पर दो उद्देश्य से जारी किए जाते हैं:

  1. मनोवैज्ञानिक दबाव: इज़राइल सरकार और जनता पर दबाव बनाने के लिए कि वे कैदियों की अदला-बदली पर बातचीत करें।
  2. राजनीतिक संदेश: अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह दिखाना कि बंधक अभी भी ज़िंदा हैं, और हमास के पास पूर्ण नियंत्रण है।

इज़राइली प्रतिक्रिया:
इस वीडियो के सामने आने के बाद इज़राइल में जनता में गुस्सा और चिंता की लहर दौड़ गई। डेविड के परिवार और अन्य बंधकों के परिजन सरकार से उनकी सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के ध्यान में भी आया है, जो इसे एक गंभीर मानवीय संकट मानते हैं।


निष्कर्ष:
एव्यातर डेविड की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि उन सैकड़ों निर्दोष लोगों की कहानी है जो हिंसा और आतंकवाद के शिकार बने हैं। यह घटना दिखाती है कि कैसे युद्ध, कट्टरता और राजनीतिक टकराव के बीच आम नागरिकों को अमानवीय परिस्थितियों में रखा जाता है। इस घटना ने पूरे विश्व का ध्यान फिर से ग़ज़ा-इज़राइल संघर्ष की गंभीरता की ओर खींचा है।

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